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प्रेम व्यक्तित्व से होता है

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रेम व्यक्तित्व से होता है
        
                                                    
                            

प्रेम सिर्फ़ जिस्मों का मिलन नहीं,
न ही किसी एक इंसान से होता है,
प्रेम तो उसके व्यक्तित्व से होता है,
उसके व्यवहार, उसकी बातों से होता है।

जब किसी की बातें
आपके मन को सुकून देती हैं,
जब किसी की परवाह
आपके चेहरे पर मुस्कान लाती है,

जब कोई आपको यह एहसास कराए
कि आप उसके लिए कितने अनमोल हैं,
जब आप उसे समझें
और वह आपको समझे—

तब प्रेम हर बार जन्म लेता है,
क्योंकि प्रेम किसी चेहरे का मोहताज नहीं,
प्रेम तो उस एहसास का नाम है
जहाँ कोई आपको समझता भी है और संभालता भी है।

इसीलिए प्रेम किसी इंसान से नहीं,
उसके व्यक्तित्व से होता है…
और ऐसा प्रेम
समय के साथ और गहरा होता जाता है।

Rajani
2 महीने पहले
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