विज्ञापन

मैं कोई कवि नहीं हूं

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं कोई कवि नहीं हूँ,
        
                                                    
                            
पेशे से में वकील हूँ,
कानून में मास्टर डिग्री लेकर
न्याय के रास्ते पर चली हूँ ।

ख्वाब था कि लोगों को न्याय दिला पाऊँगी,
गरीबों की आवाज बन पाऊंगी,
जिसके पास कोई सहारा नहीं ,
उसका हक उसे दिला पाऊँगी।

में कोई कवि नहीं हूँ,
में तो बस अपना दुखड़ा रोती हूं
दूसरों को न्याय दिलाने निकली थी,
आज खुद न्याय की भीख माँगती हूँ।

विडम्बना देखो जिंदगी की -
जिस हाथ में कानून की किताब थी,
उसी हाथ को आज इंसाफ की तलाश है,
जिसे दूसरों के लिए आवाज बनना था,
आज उसकी अपनी आवाज बेआश है ।
-रजनी
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile