आवऽ सुनाई भाई तोहके लीला आपन बिहार के,
इहें जनमस उ शेर जवन बा मात देले संसार के,
आवऽ सुनाई भाई तोहके...........
इहें जनमली सीता जिनकर महिमा अपरम्पार रहे,
जिनके खातिर धरती माता खोलले आपन द्वार रहे,
इहे रहल उ माटी जहवां रहले बुद्ध, महावीर हो,
एही माटी से जनम लेले बा चंद्रगुप्त रणबीर हो,
एही माटी से ही उपजल चाणक्य के ज्ञान रहल,
एही माटी से शून्य खोजले आर्यभट्ट विद्वान रहल,
इहे रहल उ धरती जहवां सेल्यूकस के हार भइल,
इहे बिहार के डर से ना सिकन्दर व्यास के पार भइल,
इ भूमि ह अशोक के इ भूमि ह शेरशाह के,
इ भूमि के योद्धा जितलस कलिंग से लेके कंधार के,
आवऽ सुनाई भाई तोहके...........
दिनकर, रेणु, नागार्जुन के कलम बड़ा बलवान रहे,
विद्यापति, भिखारी ठाकुर साहित्य जगत के शान रहे,
वैशाली के माटी जहां से लोकतंत्र शुरुआत भइल,
महामगध के भूमि जहां से अखंड भारत के बात भइल,
चंपारण के माटी जहां से सत्याग्रह प्रारंभ भइल,
इहे बिहार से जे.पी. के संपूर्ण क्रांति आरंभ भइल,
भारतभूमि के नालंदा आ विक्रमशिला पर नाज रहल,
इहे धरती त दुनिया में ज्ञान जगत के ताज रहल,
तिलका के इ तीर रहे वीर कुंवर के तलवार रहे,
एही माटी से जनम लेले गुरु गोविंद के कटार रहे,
इ धरती सदा गवाह बनल दुराचारी के संहार के,
आवऽ सुनाई भाई तोहके लीला आपन बिहार के,
इहें जनमस उ शेर जवन बा मात देले संसार के,
आवऽ सुनाई भाई तोहके लीला आपन बिहार के…।।