विज्ञापन

घर आए गजानन

Raj Rawat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घर आए गजानन
        
                                                    
                            

प्रथम पूज्य गजानन आए द्वार
संग खुशियां लाए अपार
ढोल मृदंग जब बाजे
मन मेरा हरषाए

मोदक का भोग लगाऊं
श्रद्धा से शीश झुकाऊं
विघ्न हरो हे सुखकर्ता
तुमसे ही आस लगाऊं

बप्पा आए तो उजियारा छाया
हर आंगन में मंगल गाया
रिद्धि सिद्धि संग लाए
हर दिल ने उत्सव मनाया

जाते जाते ये वर दे जाना
प्रेम का दीप जलाए रखना
जहां रहे बैर और अंधियारा
वहां उजाला फैलाए रखना
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile