विज्ञापन

आराम दे, सिर्फ़ प्रभु की भक्ति!

Rahul Shrivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एहसास
        
                                                    
                            
वही रहते हैं

अगर,
ये बदल जाते हैं...

थोड़ी और
रहम करो मौला

बेकस पे मल दो
लगन की मृदा

वो हसीन चेहरे...
लाख दुआएं उनको

मुझे घर मिले...
बद्दुआएं, क्यों किसीको?

एक कान से सुनूं
दुसरे कान से निकालूं बात...

बेरहम,
ना बनूं...

अच्छी बातें...
सुने, माने... हयात

थोड़ी सी ज़िंदगी
रहे सुलझी हुई ज़िंदगी

किस काम की दिल्लगी?
आराम दे, सिर्फ़ प्रभु की भक्ति!

बस,
इम्तिहान से हो... आसक्ति...

हस राहुल!



.
3 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

161 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

578 कविताएं

View Profile