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संभलकर

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घबराने
        
                                                    
                            
की बात नहीं है

बस बहकावों के,
पास जाना नहीं है!

मेहनत से
हर चीज़ मिली है...

सूरत पे,
क्यों नज़र मेरी है????

क़िस्मत को
खूब बातें सुनाई हैं...

प्यास में
सियाह रात तनवाई है 🫠

हालात बदलेंगे... ?
क्या पता

प्रभु बात सुनेंगे... ?
है तो, यही चाहा

देंगे प्रभु...
जब उनको इनाम देना होगा...

अब,
किसी को जल्दी...

किसी को देर से... क्यों?...

जो कुछ चाहा... कुछ और ही हो?...

सब भगवान पे
छोड़ रहा 🙏

अपनी नेमतों की ओर... देखूं

सारी चिंताओं को... दूर फेंकूं

पढ़ते जाऊं

भजते जाऊं


-राहुल



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एक महीने पहले
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Manju Sharma

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