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जो फेंकने थे मलाल

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            असंभव सा
        
                                                    
                            
क्यों लगता है?

क्यों ख़ुदा
सदियों से...

एक ख़्वाब... ख़्वाब बना हुआ है :(

मैं ना
हार मानता हूं

मैं ना
सब वारता हूं

भगवान क्यों नहीं तू
मुझे बचा लेता है?

मेरी, अधूरी मेहनत की...
कमी भर देता है?

अब बस
मैं ही हूं अपने साथ

दिल में बसाए
जो फेंकने थे मलाल

रौशनी, फूटे कभी,
इस काली घटा से...

नूर, जाने से पहले...
कुछ दिन रहकर जाए

-राहुल



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2 महीने पहले
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