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Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज का दिन
        
                                                    
                            
अच्छा नहीं गया

वही वही कथन
सोचने में गुज़रा

कि झगड़ा क्यों हुआ?
कि कचड़ा क्यों मू से निकला?

भले अपशब्द मन में रहे...
मेरे ही करतूतों से बने, बार बार निकले

देखो, कुछ दिन बाद,
राहत मिलती है अगर...

वक़्त लगेगा...
पर, थम ही जाएगी उथल-पुथल🤞

घड़ियां...
काम कर ही जाएंगी...

 
2 महीने पहले
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