माता तेरे चरणों में
कोई नारियल तो
कोई फूल चढ़ता है....
खाली झोली लेकर तेरे दर पर आता है
और भर भर कर झोली तेरे दर से लाता है
बिना बुलाए भी जहां जाने को
जी चाहता है.......
वह तेरी ही चौखट है माता
जहां जाकर हर बंदा सुकून पता है........