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मेहनत का फल

Radha Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लक्ष्य अगर तुम्हें पाना है।
        
                                                    
                            
तो तप तो तुम्हें करना होगा।
बनना है अगर राम तुम्हे तो सुख सुविधा छोड़ निकलना होगा।
लक्ष्य अगर तुम्हें पाना है तो तप तो तुम्हें करना होगा।

घर पर ही बैठे रहने से,लोगो को लक्ष्य नही मिलता।
करनी पड़ती घनघोर तपस्या तभी तो उसका फल मिलता।
बनना है अगर गुलाब तुम्हें तो कांटों पर ही उगना होगा।
लक्ष्य अगर तुम्हें पाना है तो तप तो तुम्हें करना होगा।

मंजिल को अगर तुम्हें पाना है तो मेहनत तो तुम्हें करनी होगी।
सह ,धूप, छांव,पानी ,पत्थर जग रात नींद तो सहनी होगी।
बनना है सोने सा तुमको तो आग में तप कर सहना होगा।
लक्ष्य अगर तुम्हें पाना है तो तप तो तुम्हें करना होगा।

जो विषम परिस्थिति में रहकर हर संभव कोशिश करता है।
वो घर में रहे या जंगल में वो ही इतिहास बदलता है।
नदियों सा आदर पाना है तो पर्वत छोड़ निकलना होगा।
लक्ष्य अगर तुम्हें पाना है तो तप तो तुम्हें करना होगा।

मेहनत कर के ही इंसान अपने लक्ष्य को पाता है।
करता है जो नेक करम तो वो ही भाग्य जगाता है।
मेहनत को अपना धरम मान सपनों को ही सच करना होगा।
लक्ष्य अगर तुम्हें पाना है तो तप तो तुम्हें करना होगा।
एक महीने पहले
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Manju Sharma

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