विज्ञापन

रावण

Rachna Raizada

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कौन है 'राम' आज की तादाद में ?
        
                                                    
                            
रावण रोज़ ही दिखता है इस समाज में,
हम सभी के दिमाग में, अपने-अपने अंदाज में।
कौन है 'राम' आज की तादाद में ?
रावण का बार-बार करके दहन,
खुद को 'राम' बता देते हैं...
यह कहकर अपना स्तर और गिरा देते हैं।
हाँ, आज भी रावण यहीं-कहीं है,
जो जिंदा है किसी का त्यौहार बनकर,
किसी की आमदनी बनकर,
किसी की प्रकृति बनकर
और किसी का व्यापार बनकर।
कौन है 'राम' आज की तादाद में ?
रावण रोज़ ही दिखता है इस समाज में,
हम सभी के दिमाग में, अपने-अपने अंदाज में।
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Aditya Mishra

1 कविता

View Profile