चाहे जितना हो गम, ना हारेंगे हम
मत होना ख़फ़ा ऐ मेरी जिंदगी
तेरे लिए चुरा लेंगे इस दुनिया की हर खुशी
छोड़ो ना तुम कभी सपनों से मिलना
आंगन में तेरे एक दिन फूल को है खिलना
जो ना थामे चाहत के दामन
उसको कुछ ना मिलता कभी
तेरे लिए चुरा लेंगे इस दुनिया की हर खुशी
इस दुनिया में ही एक अपनी दुनिया बसाएंगे हम
हम पर चढ़ेगा ना रंग कोई दूजा
बस प्यार के रंग में रंग जायेंगे हम
हम पर असर इस जहां का ना होगा
हर पल अपना होगा हसीं
तेरे लिए चुरा लेंगे इस दुनिया की हर खुशी
तेरी धरती तेरा आसमान है
तेरी उम्मीदें क्यों परेशान है
तेरा कभी ये भ्रम नहीं टूटे
टूटे ना ये तेरी बेखुदी
तेरे लिए चुरा लेंगे इस दुनिया की हर खुशी
मैं नींद में था, देखा एक दिन सपना
सब मेरे पीछे थे, मै सबसे आगे
होठों पे मेरे हसीन मुस्कान थी
जब खुली आंखें नींद से हम जागे
ये मेरा सपना होगा एक दिन अपना
ये है मुझको पूरा यकीं
तेरे लिए चुरा लेंगे इस दुनिया की हर खुशी
क्या पाया है क्या पाएगे
दूर हमको जाना है जायेंगे
राहों में कोई अपना तो होगा
अपनी भी होगी मंजिल कहीं
तेरे लिए चुरा लेंगे इस दुनिया की हर खुशी
चाहे जितना हो गम , ना हारेंगे हम
मत होना खफ़ा ऐ मेरी जिंदगी
तेरे लिए चुरा लेंगे इस दुनिया की हर खुशी
-रविन्द्र अमन