आपसे हमको बहुत है शिकायत
ये जो आप मुझसे करती है
यह कैसी है मोहब्बत
ना फोन करती हैं, ना करती है वार्तालाप
मेरी कैसी प्रेमिका हैं आप
इतनी जल्दी आप हमको गई भूल
अपने वादा किया था हमको नहीं भूलेंगी
जब हमने दिया था आपको गुलाब का फूल
मै आपके लिये रोज प्यार का गीत गाता हूं
आपके बिना एक एक पल मुश्किल से बीतता हूं
मैं आपको समझा था सीधी सादी भोली
आप तो निकली बंदूक की कोई गोली
मैं रोज घुट घुट कर मारता हूं
एक ही बार मुझको मार दीजिए
लाइये कहीं से बंदूक,
एक गोली मेरे सीने में उतार दीजिए
मुझ जैसे लाखों करोड़ों प्रेमी यूं ही दर्द सहते हैं
कोई तुझको चाहे या ना चाहे ,पर किसी को चाहना
प्यार इसी को कहते हैं
-रविन्द्र अमन