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झूठ बोलना है जरूरी

Rabindra Aman

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अफसोस करके क्या करोगे, है बड़ी मजबूरी
        
                                                    
                            
यहां झूठों का बाजार गरम है,
इसीलिए झूठ बोलना है जरूरी

कुछ बढ़ा कर या कुछ घटा कर
आज का बोलता है इंसान,
अंदर से दिल कुछ बोलता है
बाहर से कुछ बोलती है जुबान

कुछ बिगड़ा बिगड़ा है आज का माहौल
दिल की तिजोरी बंद रख, हर जगह ना इसे खोल

तुम्हारा कुछ अच्छा हो तो
किसी को मत बताना
नहीं तो तुझको पड़ेगा इसका मोल चुकाना

बहुत कम लोग चाहेंगे हो तेरा भला
कुछ बातों को याद रख हर बात मत भुला

हमने तो कुछ कह दिया,अब तेरी मर्जी
मौसम के हिसाब से जीना सीख,कभी गर्मी, कभी सर्दी
-रविन्द्र अमन
3 महीने पहले
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