जिसे लोग कहते हैं , प्यार मोहब्बत वफ़ा
कुछ लोग अपने यार को समझते हैं खुदा
इस गजल को मैने आपके लिए लिखा
आपको लिखा तन, मन, धन
आपको लिखा अपना जीवन
आपको अपना दिल लिखा,
आपको लिखा अपनी धड़कन
हैरत है फिर भी हम आपको लगे बुरा
इस गजल को मैने आपके लिए लिखा
अगर आप से हमको मिली ना पहचान
फिर क्या करेगा , हमको जानकर यह जहान
हमने तो रब से एक आप को ही चाहा
इस गजल को मैने आप के लिए लिखा
आप के बिना मेरा दिल टूट के रह जाएगा
इससे ज्यादा क्या होगा
आपके बिना मेरा दिल मुश्किल से जी पाएगा
इससे ज्याद क्या होगा
पर गम रहेगा हमको आप के प्यार में क्या मिला
इस गजल को मैने आपके लिए लिखा
-रविन्द्र अमन