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हम भी तो कुछ है

Rabindra Aman

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कहने को कोई राजा है, पर मन से है फकीर
        
                                                    
                            
सबको सब कुछ मिल जाए ,ऐसी सबकी कहां तकदीर
चाहे जितने रंगों में रंगा है यह जमाना
हम भी तो कुछ है, यह दुनिया को है बतलाना

अपने हिस्से जो मिला , हँस कर लेते है कबूल
भर कर अपने दामन में कांटे ,
हम सबको बांटते है फूल
हम आग से डरते नहीं, हमको आता है जल जाना
हम भी तो कुछ है ,यह दुनिया को है बतलाना

फर्क नही पड़ता हमको किसी के आने जाने से
हम वो फूल नही जो खिलते है सावन के आने से
चाहे जितनी मुश्किल हो, हमने सिखा है मुस्कुराना
हम भी तो कुछ है ,इस दुनिया को है बतलाना

हमने देखे है कितने बादलों को गरजते
पर जो गरजते है , वो कहां है बरसते
आई कितनी कायमतें पर डूबा ना अपना आशियाना
हम भी तो कुछ है, यह दुनिया को है बतलाना
-रविन्द्र अमन
एक घंटा पहले
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