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बृज के भाव

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            काक की ध्वनि काऊ न भाये
        
                                                    
                            
कोयल की आवाज सबके मन में तर जाए
कोयल है बृजवासी
जो पूरे जग मैं तर जाए
-रंजीत चाहर
3 महीने पहले
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