विज्ञापन

बृज के भाव

R S

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बिन बाती दीपक जले केसी,
        
                                                    
                            
और न हो घी तो फिर जले कैसी
बिन राधा भक्ति के कृष्ण मिले कैसी
और न हो भक्ति में भाव
तो फ़िर मिले कैसी
-रंजीत चाहर
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all