विज्ञापन

पुरु के सामाजिक दोहे

Purshottam Shrivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            संबंधों के भाव पुरु, गिरते जाते रोज।
        
                                                    
                            
पालक बेघर कर दिये, कुत्ते करते मोज।।
-. पुरुषोत्तम श्रीवास्तव 'पुरु'
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all