किसी पुरानी कविता के जब रूपक ले पुनः मिलेंगे
बीता युग फिर जीवंत स्नेह और खुशियां ला देगा ।
शब्दों की वह निहित शक्तियां पुनः वहां आ जाएंगी
जैसा जैसा तुम चाहोगे वैसा ही वह ला रख देंगी ।
सरस मधुर सा या वैचारिक, दर्शन या मंत्रणा चाहिए
जो भी कहना हो कह देना सब कुछ ही हो जाएगा ।
इसकी व्यक्त शक्तियों से भी अधिक कहीं अंदर है
इसके अंतर्कोषों में जीवन शक्ति भाव संचित हैं।