विज्ञापन

तराना ए भटकती तमन्नाएं

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करके मुताबिक फैसला किया रहम मुझ पे आपने बहुत अच्छा ये हुआ हौसला नाकाम तमन्नाओं का जगा दिया आपने
        
                                                    
                            
बुरा होने से पहले अच्छा था तू बहुत बढ़ा के फासला किया जो तुमने मिटा के अरमां राह बर्बादी का दिखा दिया आपने
चाहो तो मिटा दो नाम ओ निशान सारे मुताबिक मर्जी के देकर इक हादसा रस्ता गर्दिश ए हालात का बता दिया आपने
ना करो तुम अहसान कोई मुझ पे लिखा नसीब में रोना ही रोना तो करूं क्या देकर दर्द मंजिल से भटका दिया आपने
मिटा कर अरमां सारे होकर मायूस दर्द हम बढ़ाने लगे हैं भटका कर राह ए तलब से बेचैन ख्वाहिशें मिटा दिया आपने
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all