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तराना ए भटकती तमन्नाएं

                
                                                         
                            करके मुताबिक फैसला किया रहम मुझ पे आपने बहुत अच्छा ये हुआ हौसला नाकाम तमन्नाओं का जगा दिया आपने
                                                                 
                            
बुरा होने से पहले अच्छा था तू बहुत बढ़ा के फासला किया जो तुमने मिटा के अरमां राह बर्बादी का दिखा दिया आपने
चाहो तो मिटा दो नाम ओ निशान सारे मुताबिक मर्जी के देकर इक हादसा रस्ता गर्दिश ए हालात का बता दिया आपने
ना करो तुम अहसान कोई मुझ पे लिखा नसीब में रोना ही रोना तो करूं क्या देकर दर्द मंजिल से भटका दिया आपने
मिटा कर अरमां सारे होकर मायूस दर्द हम बढ़ाने लगे हैं भटका कर राह ए तलब से बेचैन ख्वाहिशें मिटा दिया आपने
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30 मिनट पहले

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