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ख्वाहिशें बेचैन दिल की

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सब मुखालिफ मेरे किनारे हो गए उसी वक्त दरमियां हमारे और आप में नज़र में नज़र मिला कर इशारे हो गए
        
                                                    
                            
हम उम्मीद लगाए बैठे थे हुआ अहसास अचानक आपको अब बगैर किए शिकवा आप भी तो हमारे हो गए
बदल कर अंदाज दिल मेरा आपने जलाया है हिज़्र में इस कदर कि दाग सारे मेरे सीने पर अब अंगारे हो गए
किया मैने इंतजार तेरा दिल से बहुत अचानक उठी जब भी तेरी निगाह तो दिल के मेरे अलग नज़ारे हो गए
फिलहाल शिकायत न कर सका तुमसे बढ़ा के जुनून अपना ही हुआ सामने तो दोस्त दुश्मन हमारे हो गए
2 सप्ताह पहले
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Manju Sharma

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