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फसाना ए नाकाम जिंदगी

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            फिक्र में अब तो हमें सिर्फ रोना ही रोना है तुम मेरे किस्मत का हाल मत पूछो करूं क्या हिज़्र में अब यही होना है
        
                                                    
                            
मत खेल मेरी जिंदगी से देख कर गर्दिश ए हालात तुम्हें तो खुश ही होना है तू अब जाहिर नसीब का खिलौना है
पहले भी मैंने खाक उड़ाई है तेरी वज़ह से अभी और खाक हमें होना है देख के तमाशा तेरा ही अब यही होना है
कभी तो खोल कर आंख नज़ारा कुदरत का देख लिया कर हमें अब बगैर तेरे मिटा के अरमां सारे बेचैन सोना है
ऐ जिंदगी करूं क्या जो दर्द दिया तूने सह के जीना है तुम और ना जख्म दो तोड़ कर दिल हमें रात भर रोना है
एक महीने पहले
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