नौकरी ,वक्त, सेहत, समय मांगती ,
रिश्ते, सपने और अपनों को दूर टालती ।
शौक, परिवार, त्यौहार सब छीनती,
अपनी आजादी गैरों के हाथों में देती ।
ख्वाब ख्वाहिश दबी है सभी क्वाइलों में,
जिंदगी कट रही ,केबिन फ़ाइलों में ।