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हां मैं लेखक हूं

Pratibha Dubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            विषय :– मेरी लेखनी मेरी कलम से ।
        
                                                    
                            

हां में एक लेखक हूं !
मेरी लेखनी मेरी कलम से ,
वास्तविकता को अपने शब्दो मैं,
गूथ कर कागज़ पर कुछ यू
लेख उतार दिया करता हूं !
बेजान पड़ी चीजों को भी
मैं जुवान दिया करता हूं।।

हां में एक लेखक हूं!
मेरी लेखनी मेरी कलम से,
सच्चा दृष्टिकोण प्रेषित कर
में अपने धीरज और धैर्य से,
रेखांकित करते हुए भाव मेरे
अपने चयनित शब्दों से ही
रोज नया कुछ " लेख " उभार देता हूं।।

हां में एक लेखक हूं!
मेरी लेखनी मेरी कलम से,
नित प्रयास करता हूं मैं
कुछ नया लिखने का
रोज एक नया विषय लेकर
सबके समक्ष प्रस्तुत होता हूं ।
लेखनी से में काल्पनिक को भी
एक वास्तविक आकार देता हूं।।

हां में एक लेखक हूं !
मेरी लेखनी मेरी कलम से
जज़वात की स्याही को ही
मां सरस्वती का नाम देता हूं,
लिखकर स्याही से इतिहास
हर युग का अपनी कलम से
साहित्य को सम्मान देता हूं।।

प्रतिभा दुबे (स्वतंत्र लेखिका)
ग्वालियर मध्य प्रदेश
3 वर्ष पहले
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