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दुनिया की बात

Prashant Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गर बेचैनी हो सर के पार ,
        
                                                    
                            
तो दुनिया की बात करो,
कत्ल की नज़रों से कर सको नज़र को चार,
तो दुनिया की बात करो,
भय कुचले जाने का हो तो फिर क्या करना,
तूफान अगर बन सकते हो आज़ाद,
तो दुनिया की बात करो।
2 महीने पहले
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