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चाँद और तुम

prashant gouryan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ए चाँद, मैं तुझ पर एक शायरी लिखूँ,
        
                                                    
                            
शमा कहूँ तुझे या नाम आफ़ताब लिखूँ।
तेरी खूबसूरती को, अल्फ़ाज़ों में कैसे बयाँ करूँ,
तुझे हुस्न लिखूँ साहिल या हुस्न का ख़्वाब लिखूँ।
 
एक महीने पहले
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