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एक वर्ष हुआ लिखते-लिखते

Prakriti

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगस्त 2025 को मेरी पहली रचना अमर उजाला
        
                                                    
                            
काव्य पर प्रकाशित हुई तब से आज तक एक
वर्ष में मैं निरंतर लिख रही हूं।

एक वर्ष बहुत सुंदर बीता,नये नये लोगो को पढ़ने
का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सीखने का मौका मिला।
मेरी रचनाएं मेरे शब्द मेरे एहसास लोगों तक पहुंचे
और लोगों की रचनाएं उनके एहसास शब्दों के
जरिए मुझ तक पहुंचीं यही तो है आदान-प्रदान।

एक-दूसरे से सीखकर एक-दूसरे को पढ़कर
हम सफलता की सीढ़ियां चढ़ सकते हैं।

एक एसा मंच जहां हमारे लिखे गये शब्दों को
समझनें व सराहना करने वाले हों हमारे
जज़्बात से आत्मसात करने वाले हों।

अमर उजाला टीम को मेरी तरफ़ से बहुत
बहुत आभार की मुझे भी कुछ लिखने
पढ़ने का इतना बड़ा मंच दिया मेरे पंखों
को उड़ान भरने के लिए खुला आसमान दिया।

और सभी रचनाकारों का हार्दिक धन्यवाद
जिन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया मेरी रचनाओं
को अपना कीमती समय देने के लिए
हृदय तल से धन्यवाद एवं आभारी हूं।

आप सभी के सपोर्ट से मुझे भी लिखने
का मौका मिला और अपने मन की बातें
अपने अच्छे बुरे अनुभव को प्रस्तुत करने
का मंच मिला जिसके लिए तहे दिल से
शुभकामनाएं।
-प्रकृति गोस्वामी
 
2 महीने पहले
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