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हुई न्याय और सत्य की जीत

Pradeep Mukherjee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रखना चाहिए याद हर भारतीय को
        
                                                    
                            
इसे शिद्दत से
कि नहीं मिली थी आज़ादी हमें
थाली में रखकर
यूं ही
अनेक नौजवानों को
इसके लिए
पड़ा था झूलना
फांसी के तख्ते पर
सहस्रों को खानी पड़ी थीं
गोलियां
अपने सीनों पर
और करनी पड़ी थी सहन
लाखों को
जेलों की यातनाएं
तब जाकर हुई थी अंत में
न्याय और सत्य की विजय
और हुए थे पूरे भारतीयों
के मनोरथ
और हुआ था तब देश में
स्वतंत्रता का
सवर्णविहान
इस अवसर पर
हुए थे कोटि-कोटि जनों के ह्रदय
आनंद और उल्लास से परिपूर्ण
रखना होगा बनाए
इसको हमें सम्पूर्ण।
11 घंटे पहले
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