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हुई न्याय और सत्य की जीत

                
                                                         
                            रखना चाहिए याद हर भारतीय को
                                                                 
                            
इसे शिद्दत से
कि नहीं मिली थी आज़ादी हमें
थाली में रखकर
यूं ही
अनेक नौजवानों को
इसके लिए
पड़ा था झूलना
फांसी के तख्ते पर
सहस्रों को खानी पड़ी थीं
गोलियां
अपने सीनों पर
और करनी पड़ी थी सहन
लाखों को
जेलों की यातनाएं
तब जाकर हुई थी अंत में
न्याय और सत्य की विजय
और हुए थे पूरे भारतीयों
के मनोरथ
और हुआ था तब देश में
स्वतंत्रता का
सवर्णविहान
इस अवसर पर
हुए थे कोटि-कोटि जनों के ह्रदय
आनंद और उल्लास से परिपूर्ण
रखना होगा बनाए
इसको हमें सम्पूर्ण।
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6 घंटे पहले

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