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जिंदगी की केमिस्ट्री

Pradeep Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिंदगी की केमिस्ट्री
        
                                                    
                            
एक बहुत बड़ी मिस्ट्री,
जिसका करते हो भला,
जिसको देते हो आदर,
वही नहीं करता तुम्हारी कदर।
न सोचता तुम्हारी फिक्र,
न करता कहीं तुम्हारा जिक्र,
लौटा देता है सिफर,
मुश्किल बनाता सफर।
देखकर तुम्हें वो देखे इधर-उधर,
पर न आए कभी पास उधर।
जिंदगी की केमिस्ट्री है मुश्किल,
कितना गहरा है इसका सिलसिला।
दुनिया लगी है रहस्य सुलझाने,
पर उलझनों में ही है सब थम जाने।
सुलझाने में मत उलझ,
बस स्वीकार कर,
जिंदगी से प्यार कर,
यही असली केमिस्ट्री है।
11 महीने पहले
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