विज्ञापन

रस्ता बदल गयी से...

Powari Bhasha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रस्ता बदल गयी से।
        
                                                    
                            
मंजिल बदल गयी से।
प्रिय समाज आमरो,
भाषा वैभव कर बढ़ रही से।।

सोच बदल गयी से।
दृष्टि बदल गयी से।
प्रिय समाज आमरो,
साहित्य सृजन कर बढ़ रही से।।

समझ बदल गयी से।
विचार बदल गयी से।
प्रिय समाज आमरो,
इतिहास आपलो समझ रही से।।

चिन्तन बदल गयी से।
मनन बदल गयी से।
प्रिय समाज आमरो,
पहचान बचावन लड़ रहीं से।।

समाज हित समझ रहीं से।
साजिशों को विरोध कर रही से।
प्रिय समाज आमरो,
इतिहास बचावन लड़ रही से।।

राग बदल रहीं से।
अनुराग बदल रहीं से।
प्रिय समाज आमरो,
पोवार नाव पर गर्व कर रही से।।

दिशा बदल गयी से।
दशा बदल गयी से।
प्रिय समाज आमरो,
धरोहर बचावन संघर्ष कर रहीं से।।

-ओ सी पटले
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile