भाषा को संरक्षण कर् से।
भाषा को संवर्धन कर् से।
शब्द शिल्पि रोज लिख् सेत,
पोवार समाज की शान बढ़् से।।
भाषा को जतन कर् से।
भाषा अखिन सामने बढ़् से।
शब्द शिल्पि रोज लिख् सेत,
पोवार समाज की शान बढ़् से।।
भाषा की सुंदरता बढ़ाव् से।
भाषा को वैभव बढ़ाव् से।
शब्द शिल्पि रोज लिख् सेत,
पोवार समाज की शान बढ़् से।।
मातृभाषा की रिल बन् से।
भाषा को व्हिडिओ बन् से।
शब्द शिल्पि रोज लिख् सेत,
पोवार समाज की शान बढ़् से।।
मातृभाषा मा गाना गाव् से।
मातृभाषा को गाना गूंज् से,
शब्द शिल्पि रोज लिख् सेत,
पोवार समाज की शान बढ़् से।।
शब्दों को संग मा खेल् से।
मन को मन मा डोल् से।
शब्द शिल्पि रोज लिख् सेत,
पोवार समाज की शान बढ़् से।।
बगीचा मा फूल फुलासे।
फूल की खुशबू फैल् से।
शब्द शिल्पि रोज लिख् सेत,
पोवार समाज की शान बढ़् से।।
-ओ सी पटले