विज्ञापन

बुलाय रही से मातृभाषा पोवारी

Powari Bhasha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बोलो पोवारी लिखो पोवारी।
        
                                                    
                            
सोड़ो नोकों सिखों पोवारी।
साहित्य मा ऊंची उड़ान ,
लेय रहीं से मातृभाषा पोवारी।।

बोलो पोवारी लिखो पोवारी।
सोड़ो नोकों सिखों पोवारी।
साहित्य मा सौंदर्य आपलो,
बढ़ाय रहीं से मातृभाषा पोवारी।।

बोलो पोवारी लिखो पोवारी।
सोड़ो नोकों सिखों पोवारी।
साहित्य मा वैभव आपलो,
बढ़ाय रहीं से मातृभाषा पोवारी।।

बोलो पोवारी लिखो पोवारी।
सोड़ो नोकों सिखों पोवारी।
साहित्य मा रुप रंग आपलो,
निखार रहीं से मातृभाषा पोवारी।।

बोलो पोवारी लिखो पोवारी।
सोड़ो नोकों सिखों पोवारी।
साहित्य मा श्रृंगारित होयके,
मटक रहीं से मातृभाषा पोवारी।।

बोलो पोवारी लिखो पोवारी।
सोड़ो नोकों सिखों पोवारी।
निज आंचल श्रृंगारित करके ,
बुलाय रही से मातृभाषा पोवारी।।

-ओ सी पटले
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all