भावों की गहराई लक लिखों
मातृभाषा पोवारी को वैभव बढ़ाओं।
साहित्य मा शब्दों की मिठास घोलकर,
मातृभाषा पोवारी को वैभव बढ़ाओं।।
मनोहारी कविताएं लिखों
मनोभावों की गहराई लक लिखों।
साहित्य मा शब्दों की मिठास घोलकर,
मातृभाषा पोवारी को वैभव बढ़ाओं।।
सुंदर सुंदर साहित्य लिखों
मनोभावों की गहराई लक लिखों।
साहित्य मा शब्दों की मिठास घोलकर,
मातृभाषा पोवारी को वैभव बढ़ाओं।।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों मा
मातृभाषा को सौंदर्य बिखेरत चलों ।
साहित्य मा शब्दों की मिठास घोलकर,
मातृभाषा पोवारी को वैभव बढ़ाओ।।
सुंदर सुंदर रिल बनाओं
मनोभावों की गहराई लक बनाओ।
साहित्य मा शब्दों की मिठास घोलकर,
मातृभाषा पोवारी को वैभव बढ़ाओं।।
सुंदर सुंदर ग्रंथ लिखों
मनोभावों की गहराई लक लिखो।
साहित्य मा शब्दों की मिठास घोलकर,
मातृभाषा पोवारी को वैभव बढ़ाओं ।।
-ओ सी पटले