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कैसे जिएं

Pintu Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिये की तरह जल तो दिए हो
        
                                                    
                            
क्या हवाओं से लड़ना सीखा है तुमने
दस्तूर दुनिया का कुछ अलग है,
क्या हस्कर झूठ बोलना सीखा है तुमने

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले
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