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ऐब ख़ुद के देखना सीखा है, इस एकांत से ही

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दुनिया के हैं रंग निराले, अब लिया है जान हमने
        
                                                    
                            
रहना है एकांत में, दिल से लिया है मान हमने

सीखी है एकांत से, ख़ुद की ही इक पहचान हमने
माना इस एकांत को, प्रभू का इक वरदान हमने

मन की बंजर सी ज़मीं पर, बोए हमने बीज सुंदर
उनसे महकाया है दुनिया में भी, अपना नाम हमने

छोटी-छोटी बातों को सीखा, नज़र-अंदाज़ करना
हों बड़े या छोटे, सीखा ही नहीं, अपमान हमने

ऐब देखे ही नही, हमने किसी के ज़िंदगी भर
हौसला दे सबको, सीखा सबका ही गुणगान हमने

ऐब ख़ुद के देखना सीखा है, इस एकांत से ही
होंठों पर तारीफ़ से, सबके रखी मुस्कान हमने
एक महीने पहले
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