क़दमों में माता-पिता के ही, जहाँ सारा समाया
बप्पा ने माता-पिता का, फेरा ले कर ये सिखाया
जान से बढ़कर है माँ की आज्ञा, चाहे हो कुछ भी
माँ की खातिर शीश भी अपना, उन्होंने था कटाया
सोच को अपनी बड़ा रखना, सिखाता उनका मस्तक
ज्ञान को सर्वोच्च, दुनिया में हमेशा ही बताया
अपना मक़सद याद रखना, छोटी आँखें हैं सिखाती
रखो मक़सद पर नज़र पक्की, ये आँखों से जताया
सूँड आदत में लचीलापन, सदा रखना सिखाती
चूहे को वाहन बना, छोटों की इज्ज़त को बढ़ाया