विज्ञापन

उम्मीद

pankhuri singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उम्मीद के चलते
        
                                                    
                            
रिश्ते बिगड़ने लगे
उम्मीद इतनी बड़ी हो गई कि
रिश्ते छोटे हो चले
 -सरिता सिंह
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

RATAN KUMAR

787 कविताएं

View Profile

Ejaz Ahamad

122 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10819 कविताएं

View Profile