विज्ञापन

परिंदे बन वो अपनी उड़ान भर फुर्र हो जाते हैं

pankhuri singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जाना अक्सर मन को व्याकुल करता है
        
                                                    
                            
घरौंदे से बच्चों का उड़ जाना
अपनी उड़ान भरने के लिए
अपनी नई राह चुनने के लिए
अपना नया संसार बसाने के लिए ।
माना जाना बेहद जरूरी हो जाता है
पर वो एक अनजाना सा दर्द भी दे जाता है
परिंदे बन वो अपनी उड़ान भर फुर्र हो जाते हैं
भरा-पूरा घरौंदा सूना हो जाता है ।
जाना आवश्यक है
पर जाना अक्सर मन को व्याकुल करता है
पर ये जाने में भी लौटने की खुशबू होती है
और यही उम्मीद एक सुकून दे जाती है ।
-सरिता सिंह
44 मिनट पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12492 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10362 कविताएं

View Profile

Shivcharan Dass

1951 कविताएं

View Profile