विज्ञापन

बस दिल में एक सवाल रहता है

pankhuri singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी हम रिश्ता निभा रहे होते हैं
        
                                                    
                            
कभी रिश्ता हमें निभा रहा होता है
दोनों ही सूरत में रिश्ता दिल से नहीं जीते हैं
बस रिश्ते में बंधे रहते हैं
रस्मों को वफ़ा समझ बैठते हैं
अरमानों को शिकस्त देते रहते हैं
बस दिल में एक सवाल रहता है
क्या कभी इस बंधन से मुक्त हो पाएंगे ???
 -सरिता सिंह
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all