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मुड़कर देख लूं तुझे !

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुड़कर देख लूं तुझे!
        
                                                    
                            
मुझे सुकून आ जाए।
यह यकीन करूं कैसे?
कि तू फिर मिल जाए।
कुछ तो हो अजब ऐसा,
मेरे मन मंदिर में बस जाए।
मिलकर बसा लें दुनिया,
बस तू मेरी बन जाए।
-चंद्र दत्त शर्मा
2 महीने पहले
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