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जान बूझकर किया गया कृत्य

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जान बूझकर किया गया कृत्य,
        
                                                    
                            
अपराध की श्रेणी में आता है।
फिर क्षमा मांगते रहो,
कैसे समझ में नहीं आता है?
कमान से निकले तीर और,
जुबान से निकले शब्द,
इनमें से कोई वापिस नहीं आता है।
-चंद्र दत्त शर्मा
2 सप्ताह पहले
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