आकर्षण में ही वो शक्ति है,
जो प्यार की ओर आकर्षित करता है।
प्यार ऐसा नहीं...,
कि हम जान बूझकर करते हैं,
प्यार हो ही जाता है।
-चंद्र दत्त शर्मा