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तेरे बग़ैर ज़िन्दगी

Nitesh Kumar Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            "उम्र बीत गई, पंडित,
        
                                                    
                            
चलो अब लौट चलें।
बहुत निभा लिए रिश्ते,
अब ज़िंदगी जीना अभी बाकी है।"
2 महीने पहले
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