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लक्ष्य फिर न होगा दूर

Nisha Devi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हिम्मत रख, न हो व्यथित,
        
                                                    
                            
निडर हो बढ़ा कदम,
जिंदगी की दौड़ में
जीत फिर होगी जरूर।
अंधेरों से घबरा मत,
निराश न हो, व्याकुल न हो,
हँस कर संघर्ष कर,
साहस की तलवार से,
अंधेरों को चीर कर,
रोशनी को हासिल कर,
हार मत,धैर्य रख,
हौसलों को साथ रख,
जिंदगी की दौड़ में,
लक्ष्य फिर न होगा दूर।

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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