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गरीबी जिंदगी की जहर है

Nirmal Thakur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गरीबी जिंदगी की जहर है ,
        
                                                    
                            
गरीबी हर खुशियों को ढाहती एक कहर है,
जिंदगी हर दिन एक नई जंग है ,
इस जंग की गरीबी एक काला रंग है ,
ये दुनिया रंगीन है पर जिन्दगी के लिए गरीबी रंगहीन है,
ये गरीबी मुक्त में मिलती है पर अमीरी संघर्ष से मिलती है,
संघर्ष उसी की चरण पखारती है जिसके लालाट में अमीरी की रेखा है,
कुछ गरीबी पुर्वज की बोझ है ,
तो कुछ गरीबी कर्मो की भोग है ,
गरीबी चाहे जैसा भी हो ये जिंदगी का बड़ा घातक रोग है ,
गरीबी का जहर जिसने पिया सारे आरमानों खोया है,
गरीबी ऐसी पीड़ा है जो जिंदगी की सारी सपनों सारी आरमानों सारी खुशियों की कीड़ा को मार हेती है ,
गरीबी न जीने देती न मरने देती ,
गरीबी एक जिंदा लाश बना देती है ,
गरीबी घुंट - घुंट कर है तिल - तिल कर मारती है ,
गरीबी जिंदगी की जहर है । ॥

 
3 महीने पहले
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