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दर्द में है हमारा युवा झारखंड ।

Nirmal Thakur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सदियों से दुख झेल रहा है ,
        
                                                    
                            
सदियों से दर्द झेल रहा है,
खेल रहा है इनसें संसार ,
इन्हीं की थाती ,इन्हीं की माटी ,इन्हीं की खेती ,
इन्हीं की भोजन इन्हीं की थाली गैर कोई खाकर इन्हें छेद रहा है दे रहा है इन्हीं को गाली ,
ये थे सबसे भरा पुरा सबसे ऊपर ,
पर इनका ना था कोई यौजुद ना कोई ठीकना ,
ये थे सबसे बेगना ,
तंग आकर जब लड़े लड़ाई तब हुई बिहार से जुदाई , बना जल जंगल झाड़ झाड़ियों का ये झारखंड राज्य ,
तब मिला इन्हें भारत की नक्शे में पहचान ,
पुनर्जन्म पाकर अब ये युवा में पल रहा तो अपने हीं इनसें खेल , खेल रहे हैं ,
हो रही है धांधली हक पराए मार रहें है ,
खोखली हो गई है झारखंड की धरती पराए पेट भरते -भरते ,
बिक गया कोयला ,
बिक गया अब्रक , बिक गया बालु पत्थर ,
पराए कोई यहां राज करे अपने सब है प्रदेश में नौकर ,
जैसे , ढ़ोल अपनी मांदर अपनी बजाने वाला डफली ,
ताल चाहे जैसा भी हो नाचने वाले हम है जोकर ,
फुट पड़ी गुसा युवाओं की लड़ रहे है , अपनो से लड़ाई,
हक हमारी मारी जा रही है हम हीं हमारे ,
नौकरी की सीटें बेची जा रही है ,
पेपर लीक होती जा रही है ,
अपने है सब सड़कों पर गैर बैठे है गद्दी पर ,
हो गई सब चीज धांधली अब हो रही है छात्र - छात्रों की भविष्य पर ,
अब ये नहीं चलेगा युवा हो गया झारखंड ,
झारखंड में भी ,जी एन .जी । ॥

 
2 महीने पहले
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