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कविता : खुद को पहचानो....

Netra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कविता : खुद को पहचानो....
        
                                                    
                            
फिजूल बेकार की बातों को
मानने में लगे हो
कौन भला कौन बुरा है क्यों ये
जानने में लगे हो ?

इस बात को जरा
ध्यानपूर्वक मानो
दूसरों को जानने के बजाए
खुद को पहचानो

जब अपने अंदर सूक्ष्म
तरीके से दिख पाओगे
ये जीवन वास्तव में क्या है ?
खुद ही जान जाओगे
ये जीवन वास्तव में क्या है ?
खुद ही जान जाओगे.......

 
2 महीने पहले
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